माझ्या ब्लॉगवर मी श्री.शंकर चौरे आपले स्वागत करत आहे,ब्लॉग अपडेट करण्याचे काम चालू आहे..

ब्लॉग भेटी.

Saturday, 14 February 2026

आदिवासी देवता गीत

चालरं भाऊ, चालरं दाऊ 
आपला देव हेदी लेऊ ॥धृ॥ 
कडीकपारी जाशाल तं 
डोंगऱ्यादेव पुंजी लेजा 
सुख साया लेशाल तं 
रानवा देव पुंजी लेजा 

झाडी जंगल जाशाल तं 
वाघदेव पुंजी लेजा 
वावर शिवर फिरजं तं 
नागदेव पुंजी लेजा 

पाऊस पाणी जुयज तं 
घाटादेव पुंजी लेजा 
गावमं सुख जुयज तं 
शिवाऱ्यादेव पुंजी लेजा 

रोज सकाश उठीनी तं 
सुर्यादेव पुंजी लेजा 
राती रूती फिरज तं 
चांद देव पुंजी लेजा 

पिकपाणिना रुबाब राखशाल तं 
खुट्यादेव पुंजी लेजा 
वाडवडिलची साया राखशाल तं 
घट्यादेव पुंजी लेजा 

खळामं रगडणी करशाल तं 
बरफ्यादेव पुंजी लेजा 
धान्यमं रती लयशाल तं 
कणी कणसरा पुंजी लेजा 

  ---- कवी :-- शंकर चौरे सर
काकरपाडा (गोटाळ आंबा), ता. साक्री, जि. धुळे 
९४२२७३६७७५ / ७७२१९४१४९६

No comments:

Post a Comment